दमादम मस्त कलंदरजैसे गानों से माहौल हुआ सूफियाना, पटना में झुमे सब

Sun, 19 Mar 2017 07:40:00 GMT

पटना. दमादम मस्त कलंदर अली दम दम दे अंदर दमादम मस्त कलंदर अली दा पैला नंबर, हो लाल मेरी... हमने तो सिर्फ मोहब्बत को आजमाया है... तेरी गली से गुजरना तो एक बहाना है... सोचता हूं कि वो कितने मासूम थे... इन सूफी गानों को अपनी सुरीली आवाज में गाकर गायिका डॉ. ममता जोशी ने शनिवार की शाम श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में समां बांध दिया। सूफी महोत्सव पर नाचे लोग...
 
यह मौका था पटना दूरदर्शन की ओर से आयोजित सूफी महोत्सव मस्त कलंदर का। इसमें उन्होंने सूफी गीतों पर शानदार प्रस्तुति देकर पटना के श्रोताओं का दिल जीत लिया। उन्होंने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत बाबा बुल्ले शाह के सूफी कलाम से की। सूफी गायन और बीच-बीच में शायरी कर पूरे माहौल को सूफीयाना बना दिया।
 
मेरी तो हस्ती क्या है मेरे गरीब नवाज, जो मिल रहा है मुझे सारा प्यार आप से है... बड़ी नफरत है उसको रोशनी से चिरागों को बुझाना चाहता है...अल्लाह हू-अल्लाह हू ये जमीन ये आसमान जब था, था मगर तू ही तू अल्लाह हू-अल्लाह हू... जैसे सूफी गीतों से हर श्रोता का दिल जीत लिया। इस बीच में भोजपुरी के लोक गीत गाकर बिहार की मिट्टी की सोंधी खुशबू को...   Read More...

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