क्या पृथ्वी से चांद तक ब्रिज बना सकते हैं, ऐसे सवालों के जवाब देकर बने IPS

Tue, 20 Jun 2017 01:41:00 GMT

भोपाल.    मध्य प्रदेश पुलिस में ASP हितेश चौधरी ने दो बार सिविल सर्विसेस का एग्जाम दिया था। पहली बार सिलेक्ट नहीं हो पाए लेकिन दूसरी बार में उन्होंने रिटन और इंटरव्यू दोनों क्रैक कर लिए। DainikBhaskar.com ने हितेश से जाना कि सिविल सर्विसेस की एग्जाम क्लियर करने के बाद इंटरव्यू में उनसे किस तरह के सवाल हुए थे। रेलवे में जॉब करते हुए IPS के लिए चुने गए...
 
- हितेश चौधरी एमपी के सीहोर के रहने वाले हैं। पिता कैलाश चौधरी फूड डिपार्टमेंट में थे। हितेश ने 12th तक पढ़ाई उज्जैन से की। इंदौर से B.E. और दिल्ली से M.tech किया। 2012 में वे रेलवे में सिलेक्ट हुए। रेलवे की जॉब करते-करते ही उन्होंने सिविल सर्विसेस का एग्जाम दिया। ।
- हितेश के जीजाजी ने 2002 में सिविल सर्विसेस का एग्जाम क्लियर किया था। उनसे इंस्पायर होकर हितेश ने भी ये एग्जाम देने की सोची। 2013 में IPS बने हितेश अभी भोपाल जोन-2 के ASP हैं।
 
सिविल सर्विसेस की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स इन कॉमन बातों का ध्यान रखें...
 
# इंटरव्यू में सिर्फ आपकी पर्सनैलिटी और कॉन्फिडेंस देखा जाता है, क्योंकि आपका नॉलेज वो रिटन एग्जाम में देख चुके...   Read More...

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