ईश्वर को प्राप्त करना मनुष्य जीवन का लक्ष्य है पं. मिश्र

Mon, 01 Feb 2016 02:01:28 GMT

भास्कर संवाददाता | होशंगाबाद
जीवन का सुख सांसारिक मोह माया में नहीं, भगवान की भक्ति भजन करने में है। ईश्वर को प्राप्त करना मनुष्य के जीवन का लक्ष्य है। इसके लिए मोह त्याग कर भगवान के प्रति प्रेम, अनुराग रखना होगा। यह बात पं. योगेंद्र मिश्र ने व्यास गादी से कही।
वे तिवारी कॉलोनी स्थित गीता मैरिज पैलेस में रविवार को श्रीमद भागवत कथा में बोल रहे थे। पं. मिश्र ने माहात्मय कथा, नारद -पांडव चरित्रादि, शुकदेवजी के आगमन का प्रसंग सुनाया। 18 पुराणों में श्रीमद्भागवत महापुराण का अलग महत्व है। 17 पुराणों में भागवत कथा की महिमा का वर्णन मिलता है। जीवन की सार्थकता का महत्व बताते हुए कहा इंसान की मृत्यु होने पर धन, मकान, रिश्‍ते, कपड़े आदि सभी यहीं रह जाते हैं। कर्म ही उसके साथ जाते हैं। कर्मों को भगवान की भक्ति और कथा का श्रवण कर सुधारा जा सकता है। इसके पूर्व सुबह 10:30 बजे विवेकानंद घाट से कथा स्थल तक कलश यात्रा निकाली गई।
जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कथा जगतगुरु द्रोणाचार्य पीठाधीश्वर राजेंद्रदास देवाचार्य महाराज के सानिध्य में हो रही है। आयोजक पं....   Read More...

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